Now Reading
रंजन पई बने Byju’s की सहायक कंपनी Aakash Institute में 40% के हिस्सेदार: रिपोर्ट

रंजन पई बने Byju’s की सहायक कंपनी Aakash Institute में 40% के हिस्सेदार: रिपोर्ट

  • मणिपाल ग्रुप के चेयरमैन रंजन पई होंगे आकाश इंस्टीट्यूट में 40% के हिस्सेदार
  • 2023 में किया था $300 मिलियन (लगभग ₹2490 करोड़) का निवेश
ranjan-pai-gets-40-percent-stake-in-byjus-aakash-institute

Ranjan Pai Gets 40 Percent Stake In Byju’s Aakash Institute: मणिपाल ग्रुप के चेयरमैन रंजन पई एडटेक स्टार्टअप BYJU’S के मालिकाना हक वाले आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (आकाश इंस्टीट्यूट) में 40% के हिस्सेदार बनने जा रहे हैं। सामने आ रही रिपोर्ट्स के आधार पर आकाश इंस्टीट्यूट के बोर्ड ने 2023 में रंजन पई द्वारा किए गए $300 मिलियन (लगभग ₹2490 करोड़) के निवेश को इक्विटी में बदलने की मंजूरी दे दी है।

इसका खुलासा इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट में मामले के जानकार सूत्रों का हवाला देते हुए किया गया है। दिलचस्प ये है कि इस कदम से साथ ही आकाश इंस्टीट्यूट की वैल्यूएशन लगभग $700 मिलियन तक पहुँचनें की संभावना है, लेकिन उससे भी बड़ी बात ये है कि यह कंपनी कर्ज-मुक्त हो गई है।

आपको याद होगा कि बीतें कुछ समय से तमाम विवादों और चुनौतियों से घिरे रहे एडटेक दिग्गज Byju’s ने साल 2021 में आकाश इंस्टीट्यूट का अधिग्रहण किया था। इस एडटेक कंपनी पर मालिकाना हक रखने वाली Think & Learn ने अपनी आक्रामक विलय और अधिग्रहण रणनीति के हिस्से के रूप में इस डील के लिए $950 मिलियन चुकाए थे। जाहिर है देश में आकाश इंस्टीट्यूट एक जाना पहचाना नाम है और Byju’s के लिए भी यह इसके सबसे अहम अधिग्रहणों में से एक था।

Ranjan Pai Gets 40% In Aakash Institute

यह साफ कर दें कि अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से इस पर आधिकारिक मोहर नहीं लगाई गई है और ना ही इस खबर के संबंध में कोई टिप्पणी की गई है।

इस नए अपडेट के साथ ही अब रंजन पाई आकाश इंस्टीट्यूट के सबसे बड़े हिस्सेदार के तौर पर उभरे हैं। पई, Byju’s के मालिक रवीन्द्रन और Think & Learn के पास मिलाकर आकाश इंस्टीट्यूट में लगभग 80 से 82 प्रतिशत की हिस्सेदारी है। वहीं शेष लगभग 18 प्रतिशत Blackstone और आकाश के प्रमोटर के पास है।

न्यूज़North अब WhatsApp पर, सबसे तेज अपडेट्स पानें के लिए अभी जुड़ें!

See Also
prosus-and-peak-xv-voted-to-fire-ceo-byju-raveendran

यह भी कहा जा रहा है कि एक बार नियामकों की मंज़ूरी मिलने के बाद अपने निवेश के चलते पई को आकाश इंस्टीट्यूट के बोर्ड में अतिरिक्त सीट भी मिल सकती है। लेकिन इसको लेकर फैसला आगामी समय में ही लिया जाएगा।

पर यह खबर ऐसे समय में सामने आई है जब आकाश इंस्टीट्यूट ने वित्त वर्ष 2022 में राजस्व के लिहाज से 40 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई। यह लगभग ₹1,491 करोड़ बनता है। इसमें से कंपनी को करीब ₹80 करोड़ का लाभ भी हुआ है।

©प्रतिलिप्यधिकार (Copyright) 2014-2023 Blue Box Media Private Limited (India). सर्वाधिकार सुरक्षित.