Philips Layoffs: कंपनी फिर कर रही छंटनी, 6,000 कर्मचारियों की जाएगी नौकरी

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Philips Layoffs 6,000 Employees: जैसा हम साल 2023 की शुरुआत से ही कह रहे हैं कि दुनिया भर में छंटनियों का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। एक के बाद एक कई दिग्गज कंपनियाँ हज़ारों की संख्या में अपने कर्मचारियों को नौकरी से निकालती जा रही हैं।

आलम तो ये है कि कई कंपनियाँ ऐसी भी हैं, जिन्होंने कुछ महीनें पहले ही व्यापक रूप से कर्मचारियों की संख्या में कटौती की थी, लेकिन इस साल की शुरुआत में ही, एक बार फिर वे छंटनियों का ऐलान कर रही हैं। और अब इस लिस्ट में लोकप्रिय हेल्थ टेक प्रोडक्ट निर्माता, फिलिप्स (Philips) का नाम भी शामिल हो गया है।

असल में Philips ने एक बार फिर से पहले से भी ज़्यादा संख्या में, कर्मचारियों को निकालने का ऐलान किया है।कंपनी ने सोमवार को यह घोषणा करते हुए बताया कि यह दुनिया भर में अपने 6,000 से ज्यादा कर्मचारियों को नौकरी से निकालने जा रही है।

बता दें ये छंटनी चरणबद्ध तरीके से की जा सकती है। कंपनी ने साल 2025 तक 6,000 नौकरियों में कटौती की योजना बनाई है। इसके तहत, सबसे पहले इस साल यानी 2023 में लगभग 3,000 कर्मचारियों को निकाला जाएगा।

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Philips Layoffs

आपको याद दिला दें कि आज से लगभग तीन महीनें पहले ही Philips ने लगभग 3,000 से 4,000 लोगों को नौकरी से निकाला था। लेकिन अबकि बार ये आँकड़ा दोगुना हो गया है।

कंपनी के सीईओ, रॉय जैकब्स (Roy Jakobs) ने कहा;

“साल 2025 तक हम कर्मचारियों की संख्या में और कमी करने के लिए मजबूर हैं। यह एक मुश्किल फैसला है।”

“साल 2022 Philips और इसके स्टेकहोल्डर्स के लिए बहुत ही कठिन साल साबित हुआ। इसलिए अब हम अपनी रणनीति को बेहतर बनाने और तत्काल रूप से अपने प्रदर्शन को अच्छा करने के लिए, कड़ी कार्रवाई कर रहे हैं।”

Philips Layoffs: क्या है कारण? 

इस डच कंपनी के अनुसार, नौकरी में की जा रही इस भारी कटौती के पीछे की मुख्य वजह कंपनी को हुआ नुकसान है। बता दें, इस हेल्थ टेक कंपनी को बड़ी संख्या में खराब ‘स्लीप रेस्पिरेटर्स’ को ग्राहकों से वापस मँगवाना पड़ा, जिसकी वजह से कंपनी का मुनाफा बुरी तरह से प्रभावित हुआ है।

वैसे कंपनी ने इस भारी प्रोडक्ट रिकॉल की प्रक्रिया को साल 2021 के अंत तक में ही अंजाम दिया था, लेकिन इसने कंपनी पर गहरा प्रभाव डाला और कंपनी की संबंधित बाजार हिस्सेदारी को 70% तक कम कर दिया।

कंपनी के अनुसार, इसे साल 2022 की चौथी तिमाही में 105 मिलियन यूरो (~ $114 मिलियन) का नुकसान सहना पड़ा। वहीं प्रोडक्ट रिकॉल के चलते साल 2022 में हुए नुकसान का कुल आँकड़ा 1.605 बिलियन यूरो रहा।

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लाइटिंग कंपनी से हेल्थ टेक कंपनी बनने की ओर रहा प्रयास  

दिलचस्प रूप से, 130 साल से भी पहले बतौर एक लाइटिंग कंपनी के रूप में अपनी शुरुआत करने वाली Philips ने हाल के वर्षों में ‘हाई-एंड इलेक्ट्रॉनिक हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स’ बनाने की ओर अपना ध्यान केंद्रित करने की शुरुआत की।

लेकिन ऐसा लगता है कि कंपनी को ये प्लान कुछ ख़ासा रास नहीं आया। एक तो इतने बड़े पैमानें पर हुए प्रोडक्ट रिकॉल के चलते, इस प्लान ने कंपनी को भारी नुकसान की धकेला, दूसरा इसके चलते पिछले सीईओ को भी पद से हटना पड़ा।

वैसे इसके पहले साल 2023 के पहले महीनें में ही Amazon ने 18,000, Google ने लगभग 12,000 और Microsoft ने 10,000 से अधिक, SAP ने 3,000 और IBM लगभग 3,900 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का ऐलान कर चुकीं हैं। इसके पहले Meta ने 11,000 और Salesforce ने 8,000 से अधिक कर्मचारियों की छंटनी की थी।

वहीं भारतीय स्टार्टअप्स भी इससे पीछे नहीं हैं। हाल में Swiggy ने लगभग 380 कर्मचारियों, ShareChat ने लगभग 600 कर्मचारियों, BYJU’S 2500 से अधिक, Ola लगभग 2100, Unacademy ने करीब 1190, Vedantu ने 1109, Udaan ने 530 और Meesho लगभग 450 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला।

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