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K-FON: खुद की इंटरनेट सर्विस पेश करने वाला भारत का पहला राज्य बना ‘केरल’

K-FON: खुद की इंटरनेट सर्विस पेश करने वाला भारत का पहला राज्य बना ‘केरल’

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Kerala KFON Internet Service: केरल के मुख्यमंत्री पी. विजयन (Pinarayi Vijayan) ने यह घोषणा की है कि भारत में केरल अब पहला ऐसा राज्य बन गया है, जिसके पास खुद की इंटरनेट सेवा मौजूद है।

जी हाँ! राज्य के मुख्यमंत्री ने यह ऐलान इसलिए किया है क्योंकि उनकी सरकार के बेहद अहम मानें जाने वाले आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट – केरल फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क लिमिटिड (Kerala Fiber Optic Network Ltd) या ‘K-FON‘ को आखिरकार देश के दूरसंचार विभाग से इंटरनेट सेवा प्रदाता लाइसेंस मिल गया है।

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इसी मौके पर खुद मुख्यमंत्री ने ट्वीट करके इस बात की जानकारी दी;

 

लेकिन ऐसे तमाम सवाल हैं, जिनका जवाब आपमें से अधिकतर लोग जानना चाहते होंगे जैसे – “आखिर इसके मायनें क्या हैं?” या “ये K-FON कैसे काम करता है व इसमें क्या खास है?” और सबसे बड़ा सवाल कि “कैसे केरल के लोगों को इसका फायदा मिलेगा?” तो आइए, यहाँ इन तमाम सवालों के जवाब जानने की कोशिश करते हैं!

क्या है Kerala KFON Project? कैसे होगा लाभ?

अब तक तो आप समझ ही चुके होंगें कि केरल फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क लिमिटिड (KFON) केरल में राज्य सरकार की ही एक पहल है। इसका मकसद राज्य के हर गांव और कस्बे तक इंटरनेट सेवा को पहुँचानें का है।

KFON

केरल सरकार के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट के तहत विकसित किया गया आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर असल में राज्य के दूरसंचार ईकोसिस्टम के लिए भी पूरक का काम करेगा।

सामने आई तमाम रिपोर्ट्स के अनुसार, केरल सरकार की यह पहल एक ऐसा कोर नेटवर्क इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करेगी, जिसकी मदद से सभी लोगों के बीच इंटरनेट कनेक्टिविटी के अंतर को कम किया जा सके।

इसके जरिए सभी सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों आदि को जोड़ने वाला एक सुरक्षित, विश्वसनीय और स्केलेबल इंट्रा-नेट विकल्प भी पेश किया जाएगा।

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साथ ही राज्य सरकार तमाम सिस्टम ऑपरेटरों, इंटरनेट सेवा प्रदाताओं और दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के साथ मिलकर, इस प्रोजेक्ट के तहत आर्थिक रूप से पिछड़े लगभग 20 लाख से अधिक लोगों के घरों में मुफ्त इंटरनेट सेवा भी उपलब्ध करवाती नजर आ सकती है।

आपको बता दें केरल राज्य सरकार ने इस प्रोजेक्ट का ऐलान साल 2019 में में किया था। फिलहाल ये सामने आया है कि इस पहल के तहत 30,000 किलोमीटर से अधिक की ऑप्टिकल फाइबर केबल राज्य में बिछाई जा चुकी है गई है।

Kerala KFON: 5G सेवाओं को लेकर भी मिलेगा लाभ? 

माना ये भी जा रहा है कि इस पहल के जरिए बन रहा ये इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर केरल में 5G सेवाओं की शुरुआत को लेकर भी अहम भूमिका निभा सकता है। असल में K-FON की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार,

“KFON केरल में लगभग 8,000 से अधिक मोबाइल टावरों से जुड़ने में सक्षम होगा और मोबाइल कॉल की गुणवत्ता में सुधार करने से लेकर, 4G और 5G सेवाओं को अपनाने की रफ्तार को भी बढ़ाएगा।”

क्या सच में केरल है पहला ऐसा राज्य? 

वैसे भले केरल इस तरह की इंटरनेट सेवा पेश करने वाला ‘पहला राज्य’ होने का दावा कर रहा हो, लेकिन असल में आंध्र प्रदेश में पहले से ही आंध्र प्रदेश स्टेट फाइबरनेट लिमिटेड (APSFL) नाम से सरकार की खुद की इंटरनेट कंपनी बनाई जा चुकी है।

लेकिन इन दोनों सेवाओं में एक मूल अंतर यह है कि APSFL जहाँ स-शुल्क इंटरनेट पैकेज सुविधा की पेशकश करती है, वहीं KFON का मकसद मुख्य रूप से राज्य के आर्थिक रूप से वंचित वर्ग को मुफ्त इंटरनेट सेवा तक पहुँच प्रदान करने का है।

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