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PolicyBazaar की इकाई PaisaBazaar ने अपने 1,500 कर्मचारियों को जॉब से निकाला

PolicyBazaar की इकाई PaisaBazaar ने अपने 1,500 कर्मचारियों को जॉब से निकाला

COVID-19 का सीधा असर अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है और अलाम यह है कि बड़ी बड़ी कम्पनियों से लेकर छोटे बड़े स्टार्टअप्स सभी अपने अपने स्तर पर लगातार छटनी कर रहें हैं।

और ऐसे में अब एक और नाम जुड़ा है Paisabazaar का जो असल में लोन और क्रेडिट कार्ड प्रदान करने वाला एक ऑनलाइन प्लेटफ़ोर्म है। दरसल कम्पनी की ही एक इकाई PaisaBazaar ने अब COVID-19 के बिज़नेस पर पड़े प्रभावों के चलते 1,500-2,000 लोगों को जॉब से निकाल दिया है।

जी हाँ! इस बात का ख़ुलासा ईटी की एक रिपोर्ट के ज़रिए हो सका है। आपको बता दें रिपोर्ट के मुताबिक़ PaisaBazaar के पास 3,000-4,000 कर्मचारियों की संख्या है, और अब इसने क़रीब अपने आधे कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया है।

आपक बता दें SoftBank द्वारा समर्थित भारत का यूनिकॉर्न स्टार्टअप PolicyBazaar क़रीब 6,000 लोगों का एक बड़ा कर्मचारी वर्ग नियुक्त किए हुए है।

रिपोर्ट की मानें तो कोरोनावाइरस के चलते जो हालत बनें हैं उनमें मार्च से कम्पनी का राजस्व काफ़ी प्रभावित हुआ है और यह क़रीब 90% तक काम हो गया है। और साथ ही कहा यह भी जा रहा है कि अब इस साल तक कम्पनी को बिजनेस में किसी भी प्रकार के बड़े पिक-अप की उम्मीद नज़र नहीं आ रही और इसलिए कम्पनी ने यह फ़ैसला लिया हो सकता है।

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आपको बता दें कोरोनावायरस प्रभा Oyo, Curefit, Swiggy, Ola, और Zomato जैसे बड़े और यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स ने भी अपनी टीम के आकार में 10-30% तक की कटौती की है।

वहीं आँकड़ो की बात करें तो 2019 में Paisabazaar ने 10,000 करोड़ रुपये के लोन वितरित करने का दावा किया था। लोन और क्रेडिट कार्ड के अलावा कम्पनी अपने प्लेटफॉर्म के माध्यम से म्यूचुअल फंड में निवेश करने की भी सहूलियत देती है।

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