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भारत में स्टार्टअप इंडिया द्वारा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स की संख्या पहुँची 1 लाख के पार

भारत में स्टार्टअप इंडिया द्वारा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स की संख्या पहुँची 1 लाख के पार

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Now, India Has 1 Lakh Govt Recognised Startups: दुनिया के पटल पर भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम ने एक विशेष पहचान हासिल की है। आज के दौर में तमाम दिग्गज विदेशी निवेशक चाह कर भी भारतीय स्टार्टअप्स को दरकिनार नहीं कर सकते। और ऐसे माहौल में स्टार्टअप्स की संख्या में भी भारी उछाल दर्ज किया जा रहा है।

इसी दिशा में एक नया कीर्तिमान गढ़ते हुए अब भारत में सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप की संख्या 1 लाख को पार कर गई है। इस बात की जानकारी खुद केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने दी है।

Total Govt Recognised Startups in India

स्टार्टअप इंडिया जैसी तमाम पहलों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, केंद्रीय मंत्री ने बताया कि बीतें कुछ सालों में सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। साल 2016 में देश के भीतर मान्यता प्राप्त संख्या की जो संख्या 450 थी, वह आज 2023 में बढ़कर 100,000 से अधिक हो गई है।

बता दें, देश में इन स्टार्टअप्स को उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) द्वारा मान्यता प्रदान की गई है। इन सभी में से लगभग आधे स्टार्टअप देश के टियर 2 और टियर 3 शहरों से आते हैं। यह वाक़ई दिलचस्प है कि कैसे स्टार्टअप्स का क्रेज सिर्फ भारतीय महानगरों तक सिमटा हुआ नहीं है, बल्कि अर्द्ध-शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में भी नजर आने लगा है। कई जानकार तेजी से हुए डिजिटलीकरण को भी इसके पीछे की एक बड़ी वजह मानते हैं।

असल में राजधानी दिल्ली में आयोजित ‘Entrepreneurs Launchpad’ नामक एक इवेंट के दौरान पीयूष गोयल ने अपने संबोधन में कहा कि आज पूरी दुनिया भारत में मौजूद अवसरों व संभावनाओं की ओर देख रही है। उन्होंने यह भी साफ किया कि सरकार भी देश में ‘व्यवसाय की शुरुआत’ और ‘संचालन की प्रक्रिया’ को आसान बनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार देशवासियों के तमाम व्यवसायिक व अन्य लक्ष्यों की पूर्ति हेतु बिजली कनेक्शन, डिजिटल कनेक्टिविटी आदि से लेकर स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सहूलियतों को प्रदान करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

वर्तमान में कुल भारतीय जनसंख्या की औसत आयु 30 साल से कम होने का हवाला देते हुए, पीयूष गोयल ने साल 2047 तक विकास की रफ्तार में तीव्र वृद्धि हासिल करने की भी उम्मीद जताई।

मौजूदा समय के हालात

हाल में स्टार्टअप जगत में चल रही ‘फंडिंग विंटर‘ (निवेश की संख्या में आई कमी) जैसी स्थिति के चलते, सरकार भी काफी सजग दिखाई देने लगी है। स्टार्टअप को विकास आदि के लिहाज से प्रोत्साहित करने की दिशा में, सरकार सख्त नियमों व रेगुलेशन से भी परहेज करती नजर आई है। बजाए इसके स्टार्टअप द्वारा सेल्फ-रेगुलेशन सिस्टम विकसित करने पर भी ज़ोर दिया जा रहा है।

इतना ही नहीं बल्कि G20 समेत कई मंचो पर स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए सलाहकारों, निवेशकों और उद्यमियों का एक मिला-जुला नेटवर्क बनाने की कोशिशें भी की जाती रही हैं।

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पहले से ही ‘स्टार्टअप इंडिया’ (Startup India) जैसी पहलों को संचालित कर रही भारत सरकार ने हाल में ही ‘स्किल इंडिया डिजिटल’ (Skill India Digital) प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। इस प्लेटफॉर्म को देश में चले आ रहे ‘डिजिटल इंडिया’ (Digital India) और ‘स्किल इंडिया’ (Skill India) प्रोग्रामों के अगले चरण के तौर पर देखा जा रहा है।

‘स्किल इंडिया डिजिटल’ नामक इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के तहत लोगों को प्रासंगिक कौशल विकास पाठ्यक्रम, नौकरी के अवसर और उद्यमिता आदि के लिहाज से मदद मिलेगी। स्किल इंडिया डेवलपमेंट (SID) प्रोग्राम के ज़रिए स्किलिंग, एजुकेशन, एम्प्लॉयमेंट और एंटरप्रेन्योरशिप आदि को डिजिटल रूप प्रदान करने में भी तेजी आएगी।

भारत में सरकार, निवेशकों, बाजार और उद्यमियों की मिली-जूली कोशिशों का ही नातीज़ा है कि आज देश में यूनिकॉर्न ($1 बिलियन से अधिक वैल्यूएशन) स्टार्टअप्स की संख्या 111 हो चुकी है।

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