इन 30 शहरों में नहीं नजर आएँगे भिखारी, भारत सरकार की नई पहल

  • देश के इन शहरों में अब किसी को नहीं माँगनी पड़ेगी भीख
  • केंद्र सरकार फिलहाल 30 शहरों के साथ कर सकती है शुरुआत
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Government To Make 30 Key Cities Free Of Beggars: भारत सरकार ने अपनी नई रणनीति के तहत देश के 30 शहरों को कुछ इस प्रकार विकसित करती नजर आ सकती है, जिससे वहाँ किसी को भीख ना मांगनी पड़े। जी हाँ! उत्तर में अयोध्या से लेकर पूर्व में गुवाहाटी और पश्चिम में त्र्यंबकेश्वर से लेकर दक्षिण में तिरुवनंतपुरम तक केंद्र सरकार ने फिलहाल कुछ चुनिंदा शहरों में भिक्षावृत्ति की प्रथा को खत्म करने का फैसला किया है।

सरकार भिक्षावृत्ति के सहारे जीवनयापन करने वाले ऐसे लोगों खासकर वयस्कों, महिलाओं और बच्चों के पुनर्वास की सहूलियत प्रदान करते हुए, शहरों को ऐसा बनाएगी जहाँ किसी को भीख माँगने की जरूरत ना पड़े। इस दिशा में शुरुआती चरण के तहत धार्मिक, ऐतिहासिक और पर्यटन के दृष्टिकोण से देश के महत्वपूर्ण 30 शहरों की पहचान की गई है।

Government To Make Cities Free Of Beggars

इन चुनिंदा 30 शहरों को भीख माँगने के लिए मजबूर लोगों का सर्वे करवाया जाएगा और उनके पुनर्वास की उचित व्यवस्था की जाएगी। इसके जरिए कोशिश देश के हर नागरिक को एक सम्मानजनक जीवन प्रदान करने की है, ताकि वह भी देश विकास के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ सकें।

योजना के तहत भीख माँगने वालों की पहचान कर उन्हें आश्रय, कौशल, शिक्षा और पुनर्वास जैसी सहूलियत प्रदान की जाएँगी। यह कोशिश भीख माँगने वाले लोगों को एक नया जीवन प्रदान करने के लिए भारत सरकार द्वारा शुरू की गई ‘स्माइल योजना’ का ही हिस्सा है।

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2026 तक दिखेगा असर

यह जानकारी ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की एक हालिया रिपोर्ट के तहत सामने आई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि केंद्र सरकार का सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय इस योजना का संचालन करेगा और फिलहाल यह चुने गए 30 शहरों में उन स्थानों की पहचान कर रहा है, जहाँ लोग भीख मांगते दिखाई देते हैं।

शहरों को भिखारी मुक्त बनाने के इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए 2026 कि समयसीमा तय की जाएगी। इस दिशा में संबंधित शहरों के जिला और नगर निगम प्रशासन का भी व्यापक सहयोग लिया जाएगा।

इस बीच संबंधित 30 शहरों के सर्वे के लिए मंत्रालय की ओर से आगामी कुछ दिनों में एक नेशनल पोर्टल और मोबाइल ऐप भी लॉन्च की जा सकती है। यह भिक्षावृत्ति मुक्त भारत’ के मकसद को पूरा करने और भीख माँगने वाले लोगों का डेटा इक्कठा करने के लिहाज से मददगार साबित होगा। इनके जरिए डेटा का रियल टाइम अध्ययन भी किया जा सकेगा।

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय इन तरीकों का इस्तेमाल कर यह सुनिश्चित करेगा कि संबंधित प्लान के लिए जारी दिशानिर्देशों का पालन हो और उसकी उचित निगरानी की जा सके।

रिपोर्ट में सामने आई जानकारी के अनुसार चुने गए 30 शहरों में अयोध्या, कांगड़ा, ओंकारेश्वर, उज्जैन, त्र्यंबकेश्वर, सांची, खजुराहो, जैसलमेर, तिरुवनंतपुरम अमृतसर, उदयपुर, वारंगल, कटक, इंदौर, कोझिकोड, मैसूर, पंचकुला, शिमला आदि शामिल हैं।

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