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ऑनलाइन गेमिंग पर गृह मंत्रालय का अलर्ट, 581 ऐप किए गए ब्लॉक

ऑनलाइन गेमिंग पर गृह मंत्रालय का अलर्ट, 581 ऐप किए गए ब्लॉक

  • सरकार ने 581 ऐप्स को IT एक्ट, 2000 की धारा 69A के तहत ब्लॉक किया.
  • गेम इन-ऐप खरीदारी और आकर्षक सब्सक्रिप्शन ऑफर के जाल में न फंसें-I4C
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Home Ministry’s alert on online gaming: गेमिंग ऐप की बढ़ती लोकप्रियता और वित्तीय रूप से एक बड़े उधोग के रूप में पहचान बनाने के साथ कुछ चुनौतियां भी सामने आई है, इन चुनौतिया में एक बात जो महत्वपूर्ण निकलकर सामने आई है, उसमें गेमिंग ऐप के जरिए बढ़ती साइबर ठगी ने आम लोगों सहित सरकार को भी परेशान किया है।

इसी बीच इसे समस्या को लेकर अब सरकार भी सक्रिय तौर में काम करते देखा जा सकता है, गेमिंग ऐप्स के जरिए बढ़ती साइबर ठगी को लेकर गृह मंत्रालय ने आम लोगों के लिए चेतावनी जारी की है।

गृह मंत्रालय की शाखा साइबर अपराध समन्व्य केंद्र (I4C) ने एक  मैसेज अलर्ट जारी किया है। जिसमें लोगों को ऑनलाइन गेमिंग के दौरान एहतियात बरतने की चेतावनी जारी करते हुए कहा गया है कि स्मार्ट खेलें, सुरक्षित खेलें- ऑनलाइन गेमिंग के दौरान सुरक्षित रहें। अलर्ट में कुछ हिदायत जारी करते हुए कहा गया है कि..

Home Ministry’s alert on online gaming

  • ऑनलाइन ऐप्स केवल Google Play Store, Apple Store और आधिकारिक वेबसाइट्स से ही डाउनलोड करें।
  • गेम के दौरान चैट में व्यक्तिगत जानकारी देते समय सावधानी बरतें, क्योंकि जालसाज इन जानकारियों से भी ठगी कर सकते हैं।
  • कभी भी गेम इन-ऐप खरीदारी और आकर्षक सब्सक्रिप्शन ऑफर के जाल में न फंसें।
  • निवेश वाली किसी भी स्कीम जिसमें कम समय में अधिक मुनाफा देने वाली बात की जाए ऐसी किसी भी योजना में निवेश से परहेज करें।
  • और यदि किसी भी वजह से फ्रॉड के शिकार होते है तो साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 डायल करके शिकायत दर्ज करें ।

केंद्र ने 581 ऐप को किया ब्लॉक

सरकार ऑनलाइन गेमिंग के जरिए होने वाले फ्रॉड को लेकर काफ़ी ज्यादा चिंतित है, अब तक सरकार ने 581 ऐप को ब्लॉक कर चुका है यह डेटा पिछले साल 15 दिसंबर तक का है।

जानकारी के मुताबिक इनमें 174 सट्टेबाजी और जुआ ऐप्स और 87 ऋण देने वाली ऐप्स थी। इन ऐप्स को IT एक्ट, 2000 की धारा 69A के तहत ब्लॉक किया गया था इन सभी ऐप्स के खिलाफ़  MHA की सिफारिश पर इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा कार्यवाई की गई है।

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गौरतलब है, गेमिंग ऐप और गेम प्रोवाइडर के लिए सरकार पहले ही कानून बना चुकी है, इनमें गेम बिचौलिए के लिए नए नियम लागू किया गया है। गेमिंग कंपनियों के लिए भारत में रजिस्टर्ड होना अनिवार्य हो गया। अधिनियम से केंद्र सरकार को एक अधिकार मिल गए। अब वह ऐसे सभी वेबसाइट्स को ब्लॉक कर सकती है, जो रजिस्टर्ड नहीं हैं। रजिस्टेशन प्राप्त करने के लिए इन गेम निर्माता कंपनियों को एक लंबी प्रक्रिया पूर्ण करना होता है।

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