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दिवालिया होने की कगार पर Byju’s? विदेशी कर्जदाताओं की NCLT में याचिका – रिपोर्ट

दिवालिया होने की कगार पर Byju’s? विदेशी कर्जदाताओं की NCLT में याचिका – रिपोर्ट

  • Byju's पर एक के बाद एक नई मुसीबतों का क्रम जारी
  • विदेशी लोन प्रदाताओं ने NCLT के सामने दायर की याचिका
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Insolvency Petition Against Byju’s In NCLT: बीतें काफी समय से एडटेक दिग्गज Byju’s ताम चुनौतियों का सामना कर रहा है, लेकिन परेशनियाँ अभी भी कंपनी का पीछा छोड़ती दिखाई नहीं दे रहीं। एक ताजा मामले के तहत विदेशी लोन प्रदाताओं (लेंडर्स) ने Byju’s के ख़िलाफ दिवालिया/बैंकरप्सी याचिका दायर करते हुए, इस स्टार्टअप की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

जी हाँ! सामने आ रही जानकारी के मुताबिक, यह बैंकरप्सी याचिका इसी हफ्ते की शुरुआत में भारत के नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की बेंगलुरु बेंच में दायर की गई है। इसका खुलासा मामले के जानकार सूत्रों के हवाले से MoneyControl की एक हालिया रिपोर्ट में किया गया।

Insolvency Petition Against Byju’s: क्या है मामला?

यह मामला असल में Byju’s के विवादित $1.2 बिलियन के टर्म लोन भुगतान से ही संबंधित है। साल 2021 में  इस एडटेक कंपनी ने विदेशी लोन प्रदाताओं से $1.2 बिलियन की टर्म लोन सुविधा हासिल की थी। इसको लेकर कुछ समय पहले ऋणप्रदाताओं और Byju’s के बीच विवाद पैदा हो गया था।

बताया जा रहा है जिन विदेशी ऋणप्रदाताओं ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) के समक्ष बैंकरप्सी याचिका दायर की है, वह असल में इस $1.2 बिलियन के लोन में कुल मिलाकर 85% तक के हिस्सेदार हैं।

Byju’s की प्रतिक्रिया

रिपोर्ट में बताया गया है कि इस याचिका को लेकर Byju’s की ओर से कहा जा रहा है कि विदेश ऋणप्रदाताओं का यह कदम आधारहीन और प्रीमेच्योर कहा जा सकता है। ऐसा शायद इसलिए भी क्योंकि इस संबंध में पहले ही विदेशी अदालत में याचिका विचाराधीन है। ऐसे में बेंगलुरु आधारित एडटेक कंपनी शायद संबंधित याचिका पर ऐसी प्रतिक्रिया दे रही हो।

क्या कहते हैं Byju’s के राजस्व आँकड़े

यह ऐसे समय में आया है जब लम्बे इंतज़ार के बाद कुछ महीनों पहले ही Byju’s ने राजस्व आँकड़े पेश किए हैं। नवंबर 2023 में BYJU’S द्वारा साझा किए गए चुनिंदा वित्तीय आँकडों में यह सामने आया था कि कंपनी ने अपने मुख्य व्यवसाय BYJU’S के राजस्व में पर्याप्त वृद्धि दर्ज करते हुए, पिछले वर्ष (FY21) के ₹1,552 करोड़ के मुक़ाबले वित्त वर्ष 2022 (FY22) में ₹3,569 करोड़ की आय दर्ज की, जो लगभग राजस्व के लिहाज से 2.3 गुना की वृद्धि दर्शाती है।

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वित्तीय विवरण में यह भी सामने आया था कि वित्त वर्ष 2022 में BYJU’S का मार्जिन -63% रह गया है, जो वित्त वर्ष 2021 में -155% था। वित्त वर्ष 2022 की वित्तीय रिपोर्ट में कंपनी ने अपने शुद्ध घाटे के आँकड़ो को प्रकाशित नहीं किया था, रिपोर्ट में केवल EBITDA घाटे का ही जिक्र था।

एडटेक दिग्गज ने वित्त वर्ष 2022 में ₹2,253 करोड़ का EBITDA घाटा दर्ज किया, जबकि वित्त वर्ष 2021 में यह आँकड़ा ₹2,406 करोड़ था। ऐसे में पिछले वित्त वर्ष की तुलना में EBITDA घाटा लगभग 6.36% कम रहा।

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