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OpenAI ने लॉन्च किया नया टूल, करेगा ‘एआई’ द्वारा लिखे Text की पहचान

OpenAI ने लॉन्च किया नया टूल, करेगा ‘एआई’ द्वारा लिखे Text की पहचान

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OpenAI New AI Classifier Tool: बेहद कम समय में तेजी से लोकप्रियता अर्जित करने वाले आर्टिफिशल-इंटेलिजेन्स (AI) आधारित चैटबॉट ChatGPT को बनाने वाली कंपनी OpenAI ने अब एक और दिलचस्प टूल लॉन्च किया है।

जी हाँ! पहले तो कंपनी ने ChatGPT के रूप में एक ऐसा चैटबॉट बनाया, जो लोगों के बताए किसी भी टॉपिक पर आर्टिकल आदि लिख सकता है। और अब कंपनी ने एक ऐसा टूल भी पेश कर दिया है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) द्वारा जनरेट किए गए या कहें तो लिखे गए Text को पहचान सकेगा।

सही सुना आपने! कंपनी ने ChatGPT व अन्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा जनरेट किए गए Text की पहचान करने के लिए एक सॉफ्टवेयर टूल बनाया है, जिसकी जानकारी कंपनी ने खुद एक ब्लॉग पोस्ट के मध्याम से दी है।

इस बात की जानकारी कंपनी ने अपने एक ब्लॉग पोस्ट के माध्यम से दी. कंपनी ने बुधवार को एक ब्लॉग पोस्ट में कहा कि चैटजीटीपी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा जनरेट की पहचान करने के लिए एक सॉफ्टवेयर टूल जारी किया है.

एक आधिकारिक प्रेस रिलीज में OpenAI ने इसको लेकर कई जानकारियाँ भी साझा की है, जैसे कैसे कंपनी ने इस क्लासिफायर (Classifier) को ट्रेन किया है, इसके काम करने की क्या सीमाएँ हैं, आदि।

OpenAI New AI Classifier Tool: क्यों पड़ी जरूरत? 

असल में ChatGTP के लोकप्रिय होने के बाद से ही, इसके फ्री वर्जन का इस्तेमाल करते हुए, तमाम लोगों ने आर्टिकल से लेकर चुटकुले और कविता जैसी कई चीजें इस एआई चैटबॉट से लिखवाई और उन्हें इंटरनेट पर शेयर किया। इसके बाद से ही भारत समेत दुनिया भर में कई शैक्षिक संस्थानों, शिक्षकों और अन्य विशेषज्ञों ने नकल, कॉपीराइट और साहित्यिक चोरी जैसी चीजों को लेकर अपनी-अपनी चिंताएं व्यक्त की।

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दिन-प्रतिदिन ChatGPT की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए, रिसर्च पेपर्स से लेकर, कॉलेज के काम आदि के लिए भी लोग इस एआई चैटबॉट की मदद लेने लगे, और ऐसे में कई बार यह पहचान पाना मुश्किल हो जाता है कि आखिर कौन सा Text खुद किसी इंसान ने लिखा है और कौन सा एआई ने? इसलिए यह अब एक गंभीर मुद्दा बनता जा रहा है।

कैसे कर सकते हैं इस्तेमाल?

लेकिन कंपनी ने खुद कहा है कि इसका ये नया क्लासिफायर (Classifier) टूल पूरी तरह से विश्वसनीय नहीं है। अंग्रेजी के Text पर मूल्यांकन करने पर इसने एआई-लिखित Text में से 26% को “संभावित एआई-लिखित” के रूप में सही ढंग से पहचाना।

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कंपनी के अनुसार, जैसे जैसे इनपुट Text की संख्या में इज़ाफ़ा होगा, उसी रफ़्तार में क्लासिफायर टूल की विश्वसनीयता में भी सुधार नजर आएगा।

आपको बता दें अपने उपलब्ध बीटा मोड में OpenAI ने यह कहा कि इस डिटेक्शन टूल की विश्वसनीयता 1,000 अक्षरों से कम के Text में भी अधिक नहीं है क्योंकि एआई-लिखित Text में थोड़े बदलाव कर इसे चकमा दिया जा सकता है।

शायद यही वजह है कि कंपनी ने फिलहाल इस क्लासिफायर को सार्वजनिक रूप से फीडबैक के लिए पेश किया है, ताकि उनके द्वारा प्रदान किए गए सैम्पल्स से यह टूल और बेहतर बन सके। और साथ ही इसकी वास्तविक उपयोगिता का भी अंदाज़ा लगाया जा सके।

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