Reliance-Future Group की डील को बड़ा झटका, सुप्रीम कोर्ट ने Amazon के हक़ में सुनाया फैसला

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Supreme Court rules in favour of Amazon: भारत में बिज़नेस जगत के बड़े विवादों में से एक पर आख़िरकार आज 6 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फ़ैसला सुनाया है। असल में हम बात कर रहें हैं रिलायंस और फ्यूचर ग्रुप डील (Reliance Future Group Deal) के संबंध में अमेजन (Amazon) के साथ छिड़े विवाद की।

इस ‘Reliance-Future बनाम Amazon’ विवाद पर आज देश की सर्वोच्च अदालत ने आज Amazon के पक्ष में अपना फैसला सुना दिया है। इस फ़ैसले को मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली Reliance Retail द्वारा किशोर बियानी के नेतृत्व वाले Future Group (Future Retail) को ₹24,713 करोड़ में ख़रीदने संबंधित सौदे के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

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ज़ाहिर है Amazon ने शुरू से ही Reliance द्वारा Future Group को ख़रीदे जाने संबंधी इस सौदे पर विभिन्न अदालतों में अपनी आपत्ति जताते हुए याचिकाएँ दायर की थीं।

और अब आख़िरकार सुप्रीम कोर्ट ने अपने आज के फैसले में कहा कि इमरजेंसी आर्बिट्रेटर यानि सिंगापुर इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर (SIAC) का फ़ैसला जिसके तहत उसने इस डील पर रोक लगा दी थी, वह भारत में भी लागू होता है।

याद दिला दें अक्टूबर 2020 में SIAC ने Reliance-Future के इस डील पर रोक लगा दी थी और अंतिम फैसला देने के लिए तीन सदस्यीय पैनल का गठन भी किया था, जिसके फ़ैसले का इंतजार अभी भी किया जा रहा है।

लेकिन SIAC के फ़ैसले के बाद भी Reliance और Future Group दोनों का ये कहना था कि ये फ़ैसला भारत में लागू नहीं होता और दोनों कंपनियाँ भारतीय नियमों के अनुरूप तय समय पर इस डील को पूरा करेंगी।

इसके बाद ही भारत में भी Amazon ने इस विलय सौदे के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट समेत कुछ अन्य संबंधित संस्थानों जैसे SEBI व अन्य में इस डील को रोकने के लिए याचिका दायर की थी।

लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा इस डील पर रोक लगाने से इनकार करने के बाद अमेजन ने देश की सर्वोच्च अदालत यानि सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।

Supreme Court – क्या है Reliance-Future Group vs Amazon विवाद?

मामला ये है कि पिछले साल अगस्त, 2020 में Reliance ने Future Group के अधिग्रहण का ऐलान किया था जिसके तहत कंपनी इस ग्रुप के रिटेल, होलसेल और लॉजिस्टिक व्यवसायों को क़रीब ₹24,000 करोड़ में ख़रीद रही थी।

पर ये खबर सामने आते थी Amazon ने आपत्ति जताते हुए Future Group को एक कानूनी नोटिस भेज दिया।Amazon का तर्क था कि 2019 में Future Retail की प्रमोटर-यूनिट Future Coupons में इसने 49% हिस्सेदारी ख़रीदी थी। और इस सौदे में शर्त थी कि Amazon को 3 से 10 साल की अवधि के बाद Future Retail की हिस्सेदारी खरीदने का अधिकार होगा।

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पर एक और शर्त भी इस डील में कथित रूप से शमिल थी, जिसके तहत Future Retail में Amazon की प्रतिद्वंदी कंपनियाँ जैसे Reliance आदि को किसी भी तरीक़े की हिस्सेदारी नहीं ख़रीद सकती हैं।

पर कोविड-19 आदि के दौरान बिज़नेस पर पड़े प्रभावों का हवाला देते हुए Future Group के मालिक किशोर बियानी ने खुदरा स्टोर, थोक और लाजिस्टिक्स कारोबार Reliance Retail को बेचने का फ़ैसला किया था।

और इस खबर के सामने आते ही Amazon ने दावा किया कि Reliance के साथ Future Group की ये डील असल में उन पुरानी शर्तों का उल्लंघन है।

इसको लेकर अक्टूबर 2020 में Amazon ने सिंगापुर इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर (SIAC) में Reliance के साथ हुए Future Group के सौदे पर रोक लगाने को लेकर याचिका दी थी, जिसके बाद SIAC ने इस डील पर कोर्ट लगा दी थी।

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