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ऐड काउंसिल का आदेश, 14 जून से Influencers को करना होगा अपने सभी ‘प्रमोशनल पोस्ट को लेबल’

ऐड काउंसिल का आदेश, 14 जून से Influencers को करना होगा अपने सभी ‘प्रमोशनल पोस्ट को लेबल’

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ASCI Influencers Guidelines: इंटरनेट पर बढ़ते इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग (Influencer Marketing) के चलन को अब और भी पारदर्शी बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसी कड़ी में अब एडवरटाइजिंग स्टैंडर्ड काउंसिल ऑफ इंडिया (ASCI) ने कहा है कि 14 जून से सभी इन्फ्लुएंसर्स (Influencers) को अपने प्रमोशनल पोस्ट को लेबल करना अनिवार्य होगा।

असल में क़रीब तीन महीनें पहले ASCI ने इन नियमों से संबंधित एक ड्राफ्ट दिशानिर्देशों को शेयर किया था। और अब गुरुवार को इस भारतीय विज्ञापन जगत के सेल्फ़-गवर्निंग निकाय ने इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग (Influencer Marketing) के लिए फ़ाइनल दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं।

ASCI Influencers Guidelines: इन्फ्लुएंसर्स के लिए नई गाइडलाइंस

इन नियमों के मुताबिक़ इन्फ्लुएंसर्स (Influencers) और विज्ञापनदाताओं के बीच कोई भी कंटेंट सम्बन्धित संबंध होने की स्थिति में Influencers को पोस्ट को बतौर “ब्रांडेड पोस्ट” लेबल करना होगा।

ग़ौर करने वाली बात ये है कि इन नियमों के मुताबिक़ अगर Influencers ऐसा नहीं करते हैं तो इसके लिए दोनों पक्षों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।

इसके साथ ही नियम ये भी कहते हैं कि लोगों को पेड प्रमोशन की जानकारी देने वाले पोस्ट को साफ़ साफ़ लेबल करना होगा, ताकि उन्हें आसानी से पहचाना जा सके।

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ASCI Influencers Guidelines (Image Credit: ASCI)

साथ ही प्रावधानों में ये भी साफ़ तौर पर बताया गया है कि सिर्फ़ किसी तरीक़े के हैशटैग का इस्तेमाल करके लेबल को छिपाना नहीं होगा और गाइडलाइन बताती है कि लेबल कहां, कैसे और कितने समय तक प्रदर्शित होने चाहिए।

ज़ाहिर है क्योंकि गाइडलाइन इंफ़्ल्युएंसर्स (Influencers) के लिए है इसलिए इसमें उन्हें परिभाषित भी किया गया है।

साथ ही किसी इंफ़्ल्युएंसर (Influencer) और एक विज्ञापनदाता के बीच के मटेरियल रिलेशन के क्या मायने हैं और किसी स्पॉन्सर पोस्ट को किन शब्दों के साथ लेबल किया जा सकता है, इस बारे में भी गाइडलाइन साफ़ साफ़ बताती है।

ASCI ने मंज़ूर किए गए लेबल्स की भी लिस्ट जारी की है, जिस्मीं  Advertisement, Ad, Sponsored, Collaboration, Partnership आदि जैसे कुछ और शब्दों का इस्तेमाल उचित कहा गया है।

इसके साथ ही लेबल मुख्यतः अंग्रेज़ी या उसी भाषा में होना चाहिए, जिसमें विज्ञापन करने वाला कंटेंट बनाया जा रहा है, ताकि टार्गेट की गई अधिकांश ऑडिएँस को वो समझ आए।

ऐसे रखी जाएगी प्रमोशनल पोस्ट पर निगरानी

इस बीच दिशानिर्देशों के उल्लंघन की निगरानी के लिए ASCI ने कहा कि उसने फ्रांसीसी तकनीकी प्रदाता Reech के एक आर्टिफ़िशल इंटेलिजेन्स आधारित टूल का इस्तेमाल करने का मन बनाया है।

ASCI ने इन गाइडलाइन्स आदि के लिए इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग और कंटेंट क्रीएशन एजेंसी BigBang.Social का सहयोग लिया है।

इसके साथ ही तमाम कंटेंट क्रिएटर्स, HUL, Nestle, P&G, PepsiCo, Tata Group, Star, Internet & Mobile Association of India (IAMAI) और Indian Beauty & Hygiene Association (IBHA) जैसे क़रीब 25 इंडस्ट्री स्टेकहोल्डर्स के फ़ीडबैक लेने के बाद ही अंतिम रूपरेखा तैयार करने की बात कही गई है।

लेकिन आपने शायद ग़ौर किया हो तो कई बड़े सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म जैसे YouTube, Instagram, Facebook में अब Influencers को ये विकल्प पहले से ही दिया जाता है कि वह पोस्ट को Paid Partnership या Collaboration जैसे टैग के साथ लेबल कर सकें।

Read the full ASCI Influencers Guideline here!

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