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Amazon India के ‘Smbhav’ इवेंट के विरोध में आयोजित किया गया ‘Asmbhav’ इवेंट

Amazon India के ‘Smbhav’ इवेंट के विरोध में आयोजित किया गया ‘Asmbhav’ इवेंट

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Amazon India ने देश में छोटे व्यवसायों के साथ अपनी भागीदारी का जश्न मानने के लिए अपने अपने वार्षिक कार्यक्रम ‘Smbhav’ के दौरान SMBs के डिजिटलीकरण, कृषि और स्वास्थ्य सेवा में तकनीकी इनोवेशन आधारित स्टार्टअप्स में निवेश के लिए $250 मिलियन (लगभग ₹1850 करोड़) के Amazon Smbhav Venture Fund का ऐलान किया है।

ये फ़ंड असल में मुख्यतः तीन क्षेत्रों से जुड़े तकनीकी स्टार्टअप्स में निवेश के लिहाज़ से बनाया गया है। इनमें से पहला है किसान उत्पादकता में सुधार के लिए नए तकनीकी इनोवेशन वाले स्टार्टअप्स, दूसरे हैं SMBs (छोटे और मध्यम व्यवसायों) को डिजिटल रूप से सक्रिय बनाने वाले स्टार्टअप्स और तीसरे हैं तकनीक की मदद से क्वॉलिटी स्वास्थ्य सेवा की दिशा में कार्यरत स्टार्टअप्स।

इसके साथ ही Amazon India ने अपने ‘Local Shops on Amazon’ प्रोग्राम की भी घोषणा की, जिसके तहत कंपनी 2025 तक Amazon India मार्केटप्लेस पर 10 लाख ऑफलाइन रिटेलर्स और आस-पड़ोस में खुलने वाले छोटे स्टोर्स को ऑनलाइन लाने का काम करेगी।

इतना ही नहीं बल्कि Amazon India ने ‘Spotlight North East’ प्रोग्राम भी शुरू किया है, जिसके ज़रिए ये भारत के नोर्थ ईस्ट क्षेत्र के 8 राजयों से क़रीब 50,000 कारीगरों, बुनकरों और ऑफ़लाइन छोटे व्यवसाय को 2025 तक ऑनलाइन लाने का काम करेगा और उस क्षेत्र की ख़ूबियों जैसे चाय, मसाले और शहद जैसी चीज़ों के निर्यात को बढ़ावा देगा।

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Credits: Amazon Smbhav

इस बीच Amazon India के वैश्विक वरिष्ठ उपाध्यक्ष और देश के प्रमुख अमित अग्रवाल ने कहा,

“2020 में हमने क़रीब 1 करोड़ SMBs को डिजिटाइज़ करने, क़रीब देश से $10 बिलियन का निर्यात करने और 2025 तक 10 लाख नौकरियाँ देने का संकल्प लिया है।”

Amazon India के ‘Smbhav’ के विरोध में विक्रेताओं ने आयोजित किया ‘Asmbhav’

लेकिन भारत में Amazon के लिए सब कुछ इतना सही नहीं है। असल में इस साल Amazon के देश में Smbhav कार्यक्रम के साथ ही भारतीय विक्रेता संघों ने कंपनी का विरोध करते हुए 15 अप्रैल को ‘Asmbhav‘ नामक एक ऑनलाइन कार्यक्रम आयोजित किया। इस आयोजन में छोटे विक्रेताओं और खुदरा विक्रेताओं ने अमेरिकी ई-कॉमर्स दिग्गज के खिलाफ अपनी शिकायतों व विरोध को दर्ज किया।

असल में इन विक्रेताओं का आरोप रहा है कि Amazon जैसे बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म जानबुझ कर कंपनियों से सीधी साझेदारी करके भारी छूट आदि ऑफ़र करते हैं, जिसका मुक़ाबला ऑफ़लाइन विक्रेता वर्ग नहीं कर पाता और उसको तेज़ी से अपने व्यवसाय में नुक़सान हो रहा है।

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इतना ही नहीं बल्कि कई सेलर्स का भी ये आरोप रहा है कि Amazon अपने प्लेटफ़ॉर्म पर कुछ चुनिंदा सेलर्स को ही बढ़ावा देता है, और यह वह कंपनियाँ होती हैं, जिनमें Amazon की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष हिस्सेदारी होती हैं।

इस बीच Amazon India का ये नया फ़ंड ऐसे वक़्त में आया है जब कंपनी ने हाल ही में ही भारतीय रिटेल टेक स्टार्टअप Perpule का अधिग्रहण किया है।

असल में Amazon सहित कई टेक दिग्गज़ भारत में इंटरनेट के बढ़ते प्रसार और अभी भी बची हुई ढेरों संभावनाओं का लाभ उठाना चाहते हैं। जैसे पिछले साल ही Google ने भी भारतीय स्टार्टअप्स में निवेश के लिए ₹75,000 करोड़ (क़रीब $10 बिलियन) के Google For India Digitization Fund फ़ंड का ऐलान किया था।

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