Now Reading
Lightspeed ने हासिल किया $275 मिलियन का अपना तीसरा भारत केंद्रित फ़ंड

Lightspeed ने हासिल किया $275 मिलियन का अपना तीसरा भारत केंद्रित फ़ंड

ग्लोबल VC/PE फर्मों में हाल के दिनों में एक बात जो सामान्य रूप से नज़र आ रही है वह यह कि सभी निवेश फ़र्म अपने भारत केंद्रित फ़ंड को लेकर काफ़ी चुस्ती और तेज़ी से काम करती नज़र आ रहीं हैं।

और अब इसी लिस्ट में शामिल हो गया है Lightspeed VP भी जो वैश्विक रूप से शुरुआती स्तर के स्टार्टअप्स में निवेश के लिए जाना जाता है। दरसल अब इस निवेश फ़र्म ने $275 मिलियन का भारत केंद्रित फ़ंड हासिल करने की घोषणा की है। यह भारत के लिए कंपनी द्वारा बनाया ऐसा तीसरा फंड है।

आपको बता दें भारत में Lightspeed को OYO और BYJUs में सफ़ल निवेश के लिए जाना जाता है, और यह दोनों स्टार्टअप आज यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स की लिस्ट में शुमार हो चुकें हैं।

इस बात की पुष्टि जुलाई की एक रिपोर्ट में नियामक फाइलिंग के हवाले से की गई, जिसमें साफ़ था कि Lightspeed ने भारत केंद्रित तीसरा निवेश फ़ंड हासिल किया है। इस फंड में सबसे बड़ा योगदान Illinois Municipal Retirement Fund (IMRF) का बताया जा रहा है। आपको बता दें इस पेंशन फंड ने Lightspeed के पिछले भारत फंड में भी निवेश किया था।

इस बीच देखा जाए तो Lightspeed कंपनियों के लिए पहले चेक की सीमा $1-$3 मिलियन के बीच ही रखता है। पर इतना ज़रूर है कि यह राशि कंपनी के मौजूदा बाजार में पकड़ और उसके साइज़ पर निर्भर करती है।

असल में Lightspeed सबसे हाल ही में भारत केंद्रित फ़ंड की घोषणा करने वाली वैश्विक PE/VC फर्म है। इस साल की शुरुआत में Sequoia ने भारत और साउथ ईस्ट एशिया बाजार के लिए $1.35 बिलियन के एक बड़े फंड की घोषणा की थी, जिसमें मुख्यतः भारत को प्राथमिकता की जानी है।

See Also
byjus-crisis-worsen-as-rajnish-kumar-mohandas-pai-leaving-advisory-board

दरसल हाल के दिनों में डिजिटल सेवाओं को अपनाने को लेकर भारतीय बाजार काफ़ी परिपक्व हुआ है और ऐसे में नए स्टार्टअप्स के लिए यह फ़ंड बहुत ही सही समय पर आए नज़र आते हैं।

हाल में ही Reliance के मालिकाना हक़ वाले Jio ने भी $22 बिलियन की रिकॉर्ड फ़ंडिंग हासिल की थी और वह भी तब जब COVID-19 महामारी और अर्थव्यवस्था पर इसका असर अपने चरम पर था।

इस बीच कहा ये जा रहा है कि Bejul Somaia (पार्टनर, Lightspeed Venture Partners) ने ईटी को बताया है कि ग्लोबल Limited Partners (LPs) या फंड के स्पॉन्सरों ने अभी भी भारत को एक विवेकाधीन संपत्ति वर्ग के रूप में दर्ज किया है। दरसल उन सभी को भारत में डिजिटल संभावनाओं में व्यापक विश्वास है।

©प्रतिलिप्यधिकार (Copyright) 2014-2023 Blue Box Media Private Limited (India). सर्वाधिकार सुरक्षित.