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लॉकडाउन के दौरान आधार आधारित AePS के जरिये औसत दैनिक लेनदेन हुआ दुगना; आँकड़ा 113 लाख के पार

लॉकडाउन के दौरान आधार आधारित AePS के जरिये औसत दैनिक लेनदेन हुआ दुगना; आँकड़ा 113 लाख के पार

इस बात में कोई शक नहीं कि COVID-19 महामारी के चलते देशभर में चल रहें लॉकडाउन में डिजिटल सेवाओं की माँग में इजाफ़ा देखा जा रहा है। नाटकीय रूप से कई क्षेत्रों में माँग बढ़ गयी है।

और अब इसी सिलसिलें में देश के वित्त मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में बताया गया कि भारत में Aadhaar Enabled Payment System (AePS) के माध्यम से दैनिक लेनदेन दोगुना होकर 11.3 मिलियन के आँकड़े तक पहुँच गया है।

जी हाँ! दरसल वित्त मंत्रालय ने अपने ट्विटर हैंडल के जरिये यह जानकारी दी कि लॉकडाउन के दौरान वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने और ग्रामीण व दूरदराज के क्षेत्रों में डिजिटल पेमेंट सेवाएं प्रदान करने का नतीजा यह रहा कि इस तरह के लेनदेन की कुल संख्या 430 मिलियन तक पहुँच गयी थी, जिसमें कुछ 16,101 करोड़ रूपये का लेनदेन शामिल रहा।

दरसल लॉकडाउन के चलते 26 मार्च को वित्त मंत्री द्वारा घोषित प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के तहत 32,300 करोड़ रुपये करीब 340 मिलियन लाभार्थी खातों में ट्रांसफर किये गये हैं।

इसके साथ ही वित्त मंत्रालय ने बताया कि 80 लाख से अधिक महिला लाभार्थियों ने अपने जन धन खातों से पैसे निकाले हैं। इतना ही नहीं बल्कि इन लेनदेन को सुलभता से पूरा करने के लिए मंत्रालय ने बैंकिंग सेवा प्रदाताओं के काम की सराहना भी की।

महामारी के चलते हुए लॉकडाउन में सरकार की तरफ से घोषित राहत पैकेज के तहत अप्रैल से शुरू होने वाले तीन महीने में 1.7 लाख करोड़ रुपये की नकद राशि और अनाज लोगों में बाँटे जायेंगें। यह भी जानकारी दी गयी कि इस राहत पैकेज का लाभ सीधा लाभ महिलाओं से जुड़े 200 मिलियन से अधिक जन धन खातों को भी होगा।

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हालाँकि इस पैकेज की घोषणा के बाद से अब तक सरकार राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन को दो बार बढ़ा चुकी है, पहले 3 मई तक और फिर इसको बढ़ाकर 17 मई तक कर दिया गया है।

और इसलिए ऐसे हालातों में सरकार द्वारा घोषित राहत पैकेज और उनकों आसानी से हासिल कर पाने की सहूलियत दोनों अहम हो जातें हैं।

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