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ZestMoney होने जा रहा बंद, कभी ₹3750 करोड़ थी वैल्यूएशन, जानें वजह!

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ZestMoney To Shut Down, Reason?: एक और भारतीय स्टार्टअप बंद होने जा रहा है। हम बात कर रहे हैं ‘बाय नाउ और पे लेटर’ (BNPL) सुविधा की पेशकश करने वाले फिनटेक स्टार्टअप जेस्टमनी (ZestMoney) की, जिस पर दिसंबर अंत तक ताला लग सकता है। बता दें कभी इस स्टार्टअप की वैल्यूएशन ₹3750 करोड़ (~$450 मिलियन) तक आँकी गई थी।

इस बात की जानकारी कर्मचारियों को ZestMoney की ओर से मंगलवार (5 दिसंबर) को आयोजित किए गए एक टाउनहॉल के दौरान दी गई। कंपनी में फिलहाल मौजूद 150 कर्मचारियों को यह बताया गया कि ZestMoney अपना संचालन बंद करने जा रही है और इसके चलते सभी कर्मचारियों को अपनी नौकरी गँवानी पड़ेगी।

इस बात का खुलासा मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के जरिए हुआ है। बताया जा रहा है कि कंपनी दिसंबर 2023 के अंत तक अपने संचालन को पूरी तरह से समेटते हुए, इसे बंद कर देगी। फिलहाल सार्वजनिक रूप से इसको लेकर किसी समयसीमा की पुष्टि नहीं की गई है।

ZestMoney के Shut Down की वजह

अब तक सामने आई जानकारी के मुताबिक, कंपनी ने रेगुलेटरी अनिश्चितताओं और कंपनी के नए मैनेजमेंट की ओर से व्यवसाय को पूनर्जीवित करने की कोशिश में असफल साबित होने के चलते यह फैसला लेने पर मजबूर हुई है। पिछला कुछ समय कंपनी के लिए अच्छा साबित नहीं रहा है। इस दौरान मैनेजमेंट स्तर से लेकर, रेगुलेशन तक में कंपनी को तमाम चुनौतियों का सामना करना पड़ा है।

ZestMoney Shut Down Reason: कैसे खराब हुई चीजें?

कभी 500 कर्मचारियों के साथ संचालन करने वाली ZestMoney की मुश्किलें असल में साल 2023 की शुरुआत से शुरू हुईं, जब फिनटेक दिग्गज PhonePe के साथ अधिग्रहण को लेकर बात नहीं बन पाई।

जानकारों की मानें तो PhonePe के साथ कंपनी की अधिग्रहण डील 1700-2500 करोड़ रुपए में हो सकती थी। लेकिन दोनों पक्षों के बीच ‘वैल्यूएशन’, ‘डिफॉल्ट रेट’ जैसी चीजों को लेकर सहमति नहीं बन सकी और यह डील नहीं हुई।

ZestMoney 2.0 रहा फेल?

इस अधिग्रहण डील के फेल होने के बाद, इस साल मई में ही ZestMoney के संस्थापकों द्वारा स्टार्टअप का साथ छोड़ दिया गया। इसके बाद निवेशकों और नए मैनेजमेंट ने मिलकर कंपनी की जिम्मेदारी संभालीं, जिसे ‘ZestMoney 2.0’ मैनेजमेंट का नाम दिया गया।

इस दौरान नए मैनेजमेंट ने मौजूदा निवेशकों से कुछ मिलियन डॉलर की फंडिंग हासिल करते हुए, संचालन को जारी रखने का एक नया तरीका तलाशने का भी प्रयास किया। कहा जाता है कि हाल के महीनों में भी मैनेजमेंट द्वारा कई निवेशकों और फिनटेक दिग्गजों से चर्चा शुरू की गई, परंतु बात नहीं बन सकी।

कर्मचारियों को मिलेगी 2 महीनें की सैलरी

रिपोर्ट में सामने आई जानकारी के अनुसार, संचालन बंद किए जाने के चलते कंपनी से निकाले जा रहे सभी कर्मचारियों को 2 महीनें की अतिरिक्त सैलरी दी जाएगी। साथ ही उन्हें नई नौकरी पानें में मदद देने का भी आश्वासन दिया गया है। वैसे ZestMoney फिलहाल कंपनी बंद करने की प्रक्रिया को पूरा करने तक अपनी लीगल टीम और फ़ाइनेंस टीम को बरकरार रख सकता है।

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ZestMoney के बारे में!

ZestMoney की स्थापना साल 2016 में लिजी चैपमैन, प्रिया शर्मा और आशीष अनंतरामन द्वारा की गई थी। इसने ईएमआई और पे लेटर नेटवर्क ऑपरेटर के रूप में संचालन शुरू किया था, जिसके तहत लोन पार्टनर से सीधे कारोबारी को धनराशि डिस्ट्रिब्यूट की जाती थी, जिससे ग्राहकों को छोटी-छोटी किस्तों में भुगतान करने की सहूलियत मिल सके।

रिपोर्ट्स में सामने आए आँकड़ो के मुताबिक, एक समय कंपनी के पास 1.7 करोड़ का व्यापक ग्राहक आधार था, और अपने 25 से अधिक लेंडिंग पार्टर्नस के साथ यह हर महीने लगभग ₹400 करोड़ के लोन बाँटती थी।

बेंगलुरु आधारित इस स्टार्टअप ने अब तक लगभग $130 मिलियन (~₹1000 करोड़ से अधिक) का निवेश हासिल किया था। इसके निवेशकों में PayU, Quona, Zip, Omidyar Network और Ribbit Capital जैसे दिग्गज़ शामिल हैं। सितंबर 2021 में अंतिम निवेश दौर के दौरान ZestMoney का मूल्यांकन (वैल्यूएशन) लगभग ₹3750 करोड़ (~ $450 मिलियन) आँका गया था।

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