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पुलिस देर रात तक दफ्तर से घर लौटने वाली महिलाओं की सुरक्षा के लिए रखेंगी नजर

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police to boost safety of working women night traveling :हरियाणा में महिलाओं की सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। देर रात दफ्तर से लौटने वाली महिलाओं को घर तक सुरक्षित पहुंचने में पुलिस मदद करेगी।

हरियाणा पुलिस महिलाओं को सार्वजनिक स्थानों में सुरक्षित माहौल प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए राज्य में महिलाओं के लिए असुरक्षित हॉटस्पॉट चिन्हित करना और उस जगह में सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने के प्रयास, महिलाओं से संबंधी अपराधो की जांच में तेजी, जागरूकता अभियान, महिला संबंधी अपराधो के लिए डीएसपी एसएसपी स्तर के अधिकारियों को नोडल अधिकारी के रूप में नियुक्ति, जैसी कार्ययोजना की तैयारी की गई हैं

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ज्यादातर मामलों में एक बात देखने को मिलती है, जब कोई कामकाजी महिलाएं अपने ऑफिस स्थान से घर जानें के दौरान यात्रा करती है, तो उसे छेड़छाड़ का सामना करना पड़ता है, ऐसी स्थिति में महिलाओं की सुरक्षा के लिए कामकाजी महिला 112 महिला ऐप के माध्यम से पंजीकृत करके जानकारी दे सकती है, जिसके बाद पुलिस उक्त महिला की सुरक्षित यात्रा की ट्रैकिंग से निगरानी रखेंगी।

उन सभी महिलाओं की सुरक्षित यात्रा की जानकारी हासिल करेंगे, इस बीच यदि किसी महिला के साथ किसी भी प्रकार की बत्तीमीजी की शिकायत मिलती है, तो शिकायत के 8 से 10 मिनिट के बीच पुलिस सहायता के लिए पहुंच जायेंगी।

police safety working women: पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) शत्रुजीत सिंह कपूर ने शुक्रवार को प्रेसवार्ता

इस संबंध में पुलिस महानिदेशक(डीजीपी) शत्रुजीत सिंह कपूर ने शुक्रवार को प्रेसवार्ता में कहा कि कामकाजी महिलाओं को देर रात यात्रा के लिए स्थानीय परिवहन में सुरक्षा की कमी जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

“उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, हमने पहले से ही क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (RTA) के साथ पंजीकृत सीरियल नंबर और ड्राइवरों की तस्वीरों के साथ ऑटो-रिक्शा के लिए एक विशिष्ट पहचान स्टिकर पेश किया है। इससे न सिर्फ अपराध पर अंकुश लगेगा, बल्कि महिला सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी, इन स्टिकर के बिना ऑटो-रिक्शा को सड़क पर चलने की अनुमति नहीं है।”

डीजीपी ने आगे कहा कि गुरुग्राम शहर में लगभग 60,000 ऑटो-रिक्शा पंजीकृत हैं और अन्य ड्राइवरों का सत्यापन अभियान चलाया गया है। सभी विशिष्ट पहचान नंबरों को पुलिस नियंत्रण कक्ष से जोड़ा गया है और अगर उन्हें महिलाओं द्वारा कोई अश्लील हरकतों या छेड़छाड़ की शिकायत का कॉल या संदेश मिलता है तो वे ड्राइवर की जांच कर सकते हैं।

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डीजीपी ने कहा कि महिलाओं के लिए सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त प्रयास किए जाएंगे, ताकि वे बिना किसी झिझक के काम पर जा सकें। पुलिस इस उद्देश्य के लिए स्थानीय कैब यूनियनों, ऑटो यूनियनों और सार्वजनिक ट्रांसपोर्टरों के साथ समन्वय करेगी।

आपको बता दे, 2022 में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार हरियाणा में पिछले आठ सालों के आंकड़े दिखाते हैं कि यहां महिला अपराध में बेतहाशा इजाफा हुआ है, हरियाणा पिछले आठ सालों में रेप के मामलों में 65 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।

2014 में राज्य में कुल 944 बलात्कार से संबंधित मामले दर्ज किए गए, जो 2021 में 1,546 तक पहुंच गए राज्य में 2014 से 2017 तक लगभग समान संख्या में मामले देखे गए, वहीं 2018 से 2021 तक पिछले चार वर्षों में तेज वृद्धि हुई है। ऐसे में महिलाओं की सुरक्षा के लिए उठाए जा रहे ये कदम कितने कारगर साबित होते है,यह वक्त ही बताएगा।

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