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गूगल अब पासवर्ड के बजाए ‘Passkeys’ को दे रहा बढ़ावा, जानें कैसे करें इस्तेमाल?

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Google Makes Passkeys Default For All, Steps To Set Up: इस साल में मई में टेक दिग्गज गूगल ने अकाउंट साइन-इन के लिए पासवर्ड के बजाए ‘Passkeys’ नामक एक नई सुविधा पेश की थी। और अब कुछ महीनें बाद गूगल ने पासवर्ड के स्थान पर Passkeys के इस्तेमाल को बढ़ावा देनें की कोशिश शुरू कर दी है।

इस क्रम में गूगल ने सभी उपयोगकर्ताओं के लिए अब Passkeys को अकाउंट्स में साइन-इन करने का डिफ़ॉल्ट तरीका बना दिया है। इसके तहत गूगल अकाउंट में Passkey सेटअप करने के लिए ‘अकाउंट सेटिंग्स’ में जाकर मैन्युअल प्रक्रिया अपनाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

कंपनी जल्द ही उपयोगकर्ताओं को अपने जीमेल (Gmail), यूट्यूब (YouTube) और अन्य ऐप्स के लिए पासवर्ड के स्थान पर Passkey सेट करने के लिए प्रोत्साहित करती नजर आएगी।

क्या है Google Passkeys?

आज के समय लोग अपने फोन या अन्य डिवाइसों को ओपन (या लॉग-इन) करने के लिए पिन (PIN) या बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन – जैसे फिंगरप्रिंट या फेस आईडी का इस्तेमाल करते हैं। पर अब आप गूगल Passkey फीचर के तहत अपने गूगल अकाउंट्स में भी इन्हीं तरीकों का इस्तेमाल कर लॉग-इन कर पाएँगे।

Passkeys के साथ लॉग-इन करते समय किसी भी प्रकार के पासवर्ड, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) या एसएमएस (SMS) वेरिफिकेशन की कोई ज़रूरत नहीं होगी। कंपनी के मुताबिक यह पासवर्ड की तुलना में अधिक सुरक्षित और आसान विकल्प है। उपयोगकर्ताओं अब बायोमेट्रिक सेंसर (जैसे फेस आईडी या फिंगरप्रिंट), पैटर्न या पिन का उपयोग करते हुए ऐप्स और वेबसाइटों में लॉग-इन कर पाएँगे, जिससे उन्हें पासवर्ड याद रखने की परेशानी से भी मुक्ति मिल सकती है।

कंपनी ने यह भी सुनिश्चित किया है कि अगर कोई उपयोगकर्ता इस नए फीचर के तहत पिन या बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के जरिए गूगल अकाउंट में लॉग-इन करने का विकल्प चुनता है, तो उसका बायोमेट्रिक डेटा गूगल या किसी अन्य थर्ड पार्टी के साथ साझा नहीं किया जाएगा। यह डेटा सिर्फ आपकी डिवाइस में ही मौजूद रहेगा।

वैसे गूगल का कहना है कि पासवर्ड इस्तेमाल करने का विकल्प अभी भी उपलब्ध रहेगा। अगर उपयोगकर्ता Passkey का इस्तेमाल नहीं करना चाहते तो “Skip password when possible” के विकल्प को डिसेबल पर सकते हैं।

किन डिवाइसों में काम करेगा Google Passkeys?

बताते चलें गूगल अकाउंट्स में Passkeys का इस्तेमाल करने के लिए आपका स्मार्टफोन iOS 16 या इसके आगे के वर्जन पर और Android 9 या इसके बाद के वर्जन पर चलता होना चाहिए। वहीं डेस्कटॉप के लिए Windows 10 या macOS 13 Ventura या इसके बाद के संस्करण Passkeys को सपोर्ट करेंगे।

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बता दें गूगल Chrome और Android प्लेटफ़ॉर्म पर Passkeys के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए अपने भागीदारों के साथ भी काम कर रहा है। कंपनी का मानना है कि पासवर्ड को शेयर किया जा सकता है, फ़िशिंग का शिकार बनाया जा सकता है, या डेटा ब्रीच के तहत उजागर किया जा सकता है, लेकिन Passkeys के साथ यह संभव नहीं है।

Google Passkeys – Steps To Set Up

अब तक Passkeys सेटअप प्रक्रिया को मैन्युअल रूप से सेट करने के लिए g.co/passkeys पर जाना होता था। लेकिन अब गूगल इसको डिफ़ॉल्ट विकल्प बना रहा है। आसान भाषा में इसका मतलब ये है कि अगली बार जब आप अपने गूगल अकाउंट में साइन इन करेंगे, तो आपको Passkey सेटअप करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। वहीं गूगल अकाउंट में साइन-इन करते समय एंड्रॉइड डिवाइस ऑटोमेटिक ही Passkey बना देंगे। आइए जानते हैं मैन्युअल रूप से यह कैसे किया जा सकता है;

बता दें आपको हर एक फ़ोन, टैबलेट, लैपटॉप और डेस्कटॉप के लिए एक गूगल अकाउंट Passkey बनानी होगी, जिसके बाद उस अकाउंट में लॉग-इन करते वक्त ‘पासवर्ड’ या ‘टू-स्टेप वेरिफिकेशन’ की आवश्यकता नहीं होगी।

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