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BharatPe को कम वैल्यूएशन पर मिल सकता है $100 मिलियन का निवेश: रिपोर्ट

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BharatPe In Talks To Raise $100 Mn at Lower Valuation: बीतें कुछ सालों से तमाम विवादों में घिरे रहना वाला फिनटेक स्टार्टअप BharatPe अब अपने नए फंडिंग राउंड में $100 मिलियन (~ ₹830 करोड़) का निवेश हासिल कर सकता है।

जी हाँ! सामने आई खबरों के मुताबिक दिल्ली आधारित फिनटेक यूनिकॉर्न BharatPe ने नया निवेश हासिल करने के इरादे से अपने मौजूदा निवेशकों के साथ बातचीत शुरू की है। यह खुलासा इकोनॉमिक टाइम्स (ईटी) की एक हालिया रिपोर्ट में मामले के जानकार सूत्रों के हवाले से किया गया है।

यह भी सामने आया है कि इस नए संभावित फंडिंग राउंड में BharatPe अपने मौजूदा निवेशकों के साथ ही साथ एक नए निवेशक को भी जोड़ने की कोशिश में है। लेकिन रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी को यह ताजा निवेश तुलनात्मक रूप से कम वैल्यूएशन पर मिल सकता है।

असल में BharatPe ने आखिरी बार साल 2021 में इक्विटी फंडिंग राउंड के तहत निवेश हासिल किया था और तब कंपनी की वैल्यूएशन लगभग $3 बिलियन आँकी गई थी। उस समय कंपनी ने लगभग $370 मिलियन का निवेश प्राप्त किया था।

BharatPe In Talks To Raise $100 Mn – क्यों दिलचस्प है यह समय? 

यह खबर ऐसे वक्त में आई है जब ना सिर्फ कंपनी ने सह-संस्थापकों में से एक रहे अश्नीर ग्रोवर (Ashneer Grover) के साथ कंपनी कानूनी लड़ाई लड़ रही है, बल्कि कंपनी के कई शीर्ष अधिकारियों ने भी हाल में कंपनी का साथ छोड़ा दिया है।

देखा जाए तो इस संभावित फंडिंग राउंड में कम वैल्यूएशन के पीछे निवेशक शीर्ष अधिकारियों के पलायन को भी एक कारण के रूप में पेश कर सकते हैं। साथ ही दुनिया भर में फंडिंग ईको-सिस्टम में चल रही एक प्रकार की मंदी भी एक कारण है।

इन सब के बीच कंपनी की कोशिश यही हो सकती है कि कैसे भी वैल्यूएशन को कम होने ना दिया जाए, परंतु यह आसान नहीं होने वाला!

BharatPe पहले ही तमाम अन्य भारतीय स्टार्टअप्स की तरह लाभदायक बनने और अपने IPO संबंधित संभावनाओं को वास्तविकता में बदलने की व्यापक कोशिशें कर रहा है।

आँकड़ो पर नजर डालें तो वित्त वर्ष 2022 में कंपनी ने ₹680 करोड़ का कुल राजस्व और ₹5,610 करोड़ का शुद्ध घाटा दर्ज किया था।

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आपको शायद याद हो की शुरुआत दिनों में BharatPe ने अपने क्यूआर कोड टर्मिनलों को तेजी से देश भर की दुकानों आदि जगहों पर इंस्टॉल करते हुए, भारी लोकप्रियता अर्जित की थी। लेकिन बीते कुछ समय से Paytm और PhonePe जैसे प्रतिद्वंदियों ने अब ऐसे टर्मिनलों को इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है, जो कार्ड से लेकर यूपीआई सभी तरह के भुगतानों को स्वीकार करने में सक्षम हैं।

हाल में ही Paytm और PineLabs दोनों ने ऐसी साउंडबॉक्स पेमेंट डिवाइस लॉन्च की है, जो कांटैक्टलेस कार्ड पेमेंट के साथ ही साथ क्यूआर कोड-आधारित पेमेंट भी स्वीकार करने में सक्षम है।

जाहिर है ऐसे में अब BharatPe के लिए आगे की राह इतनी आसान नहीं होने वाली, बाजार में एक बार फिर अपने आक्रामक विस्तार के लिए कंपनी को पैसों के साथ साथ एक नई रणनीति भी अपनानी पड़ सकती है।

इस बीच अश्नीर ग्रोवर भी रह-रह कर कंपनी पर तंज कसने का कोई मौका नहीं गँवाते हैं। उदाहरण के लिए आज का ही ये ट्वीट देखिए;

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