Otipy – Funding Alert: बीते कुछ समय से एग्रीटेक स्टार्टअप्स तेज़ी से निवेशकों का भरोसा जीतते नज़र आ रहे हैं। और इसी कड़ी में Crofarm Agriproducts द्वारा संचालित एग्रीटेक प्लेटफ़ॉर्म Otipy ने अपने सीरीज बी फ़ंडिंग राउंड में $32 मिलियन (लगभग ₹245 करोड़) का निवेश हासिल किया है।
गुरुग्राम आधारित इस कंपनी के लिए हालिया निवेश दौर का नेतृत्व Westbridge Capital ने किया, जिसमें स्टार्टअप ने अनुसार कुछ मौजूदा निवेशकों जैसे SIG और Omidyar Network India ने भी भागीदारी दर्ज की।
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दिलचस्प ये है कि इस सीरीज बी निवेश दौर के क़रीब 6 महीने पहले ही कंपनी ने अपने सीरीज ए निवेश दौर में $10.2 मिलियन (लगभग 76 करोड़) हासिल किए थे।
Otipy की शुरुआत साल 2020 में वरुण खुराना (Varun Khurana) ने की थी। ये एक कम्यूनिटी आधारित मंच के रूप में काम करता है, जो उपभोक्ताओं, पुनर्विक्रेताओं और किसानों को जोड़ते हुए, ताजी उपज को लोगों के घर तक पहुँचाने का काम करता है।
कंपनी के अनुसार, ये सीधे किसानों से उपज को ख़रीदती है, और 3% तक की कम बर्बादी के कारण पैसे भी बचा पाती है, पर कैसे?
असल में ये स्टार्टअप खेत से उपज को ऑर्डर के आधार पर काटता है, और हमेशा ये सुनिश्चित करता है कि उपज को लंबे समय तक ताजा रखा जा सके।
फ़िलहाल कंपनी प्रतिदिन 100 टन से अधिक ताजा उपज खेतों से उपभोक्ताओं तक पहुंचाने का दावा करती है। दिलचस्प ये भी है कि कंपनी के मुताबिक़ गोदाम से ग्राहकों तक पहुँचाने की प्रक्रिया में इसके रसद संचालन की लागत सिर्फ़ ₹4 प्रति किलोग्राम तक आती है।
Otipy के अनुसार ये 20,000 से अधिक कम्यूनिटी लीडर्स के साथ मिलकर काम कर रहा है और दिल्ली-एनसीआर (दिल्ली, गुड़गांव, नोएडा, भिवाड़ी), सोनीपत, मेरठ जैसे शहरों में 15,000 से अधिक ऑर्डरों की पूर्ति करता है।
कंपनी की योजना इस नई प्राप्त पूँजी के ज़रिए अपने संचालन व सेवाओं का अन्य भौगोलिक क्षेत्रों में विस्तार करने की है।
नए निवेश पर बोलते हुए, Otipy के संस्थापक और सीईओ वरुण खुराना ने कहा,
“हमारी बेहतरीन व तेज सप्लाई चेन और कम्यूनिटी लीडर्स के नेटवर्क का लाभ उठाते हुए, हमारा लक्ष्य उपभोक्ताओं को सबसे कम कीमत पर ताजा उत्पाद उपलब्ध कराने का है।”
“इस नए निवेश के ज़रिए हमें नए पिन कोड पर अपना विस्तार करने, अपनी सप्लाई चेन को और मजबूत करने, अत्याधुनिक तकनीक में निवेश करने, नई उत्पाद कैटेगॉरी जोड़ने आदि में मदद मिलेगी।”
ये स्टार्टअप मौजूदा वित्त वर्ष के अंत तक अपने राजस्व आँकड़े को ₹100 करोड़ से अधिक तक पहुंचाते हुए कारोबार में 5 गुना वृद्धि दर्ज करने के मक़सद के साथ आगे बढ़ रहा है।