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क्रिप्टो ट्रेडिंग को टैक्स के दायरे में लाने की संभावना तलाशने के लिए सरकार ने बनाया पैनल – रिपोर्ट

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Cryptocurrency Taxation in India: भारत में क्रिप्टोकरेंसी की लोकप्रियता जैसे-जैसे बढ़ रही है, वैसे ही सरकार भी इसको लेकर तमाम संभावित नियमों और क़ानूनों के लिए व्यापाक समीक्षा करने के प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में अब सामने आई कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ सरकार क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग व आय को भी टैक्स के दायरे में लाने पर विचार कर रही है।

जी हाँ! माना ये जा रहा है कि एक बार क्रिप्टोकरेंसी को लेकर एक स्पष्ट क़ानून बनने के बाद क्रिप्टो ट्रेडिंग व इस क्रिप्टो ईकोसिस्टम को भी टैक्स के दायरे में लाया जा सकता है।

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कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक़ वित्त मंत्रालय ने क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग को टैक्स के दायरे में लाने की संभावनाओं की तलाश करने के लिए एक पैनल भी बना दिया है।

Govt panel will examine scope of taxation on cryptocurrency trade in India

रिपोर्टों की मानें तो ये पैनल इन संभावनाओं की जांच करेगा कि क्या क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग से होने वाली आय पर पूंजीगत लाभ के रूप में टैक्स लगाया जा सकता है या इसके लिए एक नई कैटेगॉरी बनाने की ज़रूरत है?

कहा ये जा रहा है कि इस पैनल को 4 हफ़्तों में अपनी रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन सबसे दिलचस्प है इस पैनल को बनाने का वक़्त।

असल में ये ऐसे वक़्त में हुआ है जब सरकार नए क्रिप्टोकरेंसी बिल (Cryptocurrency Bill) तैयार करने की प्रक्रिया में है।

इस बिल के आगामी शीतकालीन सत्र में संसद में पेश किए जाने की उम्मीद है, जिसके तहत क्रिप्टोकरेंसी को एक संपत्ति/वस्तु के रूप में मान्यता दी जा सकती है।

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इस बात में कोई शक नहीं है कि 21वीं सदी की सबसे लोकप्रिय परिसंपत्ति के रूप में उभरी क्रिप्टोकरेंसी भारत में भी तेज़ी से अपनायी जा रही है। आँकड़ो पर नज़र डालें तो क़रीब 1.5 करोड़ से अधिक भारतीय फ़िलहाल ₹1,500 करोड़ से अधिक मूल्य की क्रिप्टो संपत्ति रखते हैं।

हाल में ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ये कहा था कि उन्हें क्रिप्टोकरेंसी बिल पर कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार है। वहीं यह भी जानकारी सामने आई थी कि वर्चूअल करेंसी से संबंधित चीज़ों का  अध्ययन करने के लिए सचिव (आर्थिक मामलों) की अध्यक्षता बने अंतर-मंत्रालयी पैनल ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।

ये सब क्यों अहम है, इसका अंदाज़ा इससे भी लगाया जा सकता है कि भारत में क्रिप्टोकरेंसी में निवेश पिछले साल अप्रैल में लगभग $923 मिलियन से बढ़कर इस साल मई में $6.6 बिलियन हो गया। ब्लॉकचेन डेटा प्लेटफॉर्म Chainalysis की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ भारत क्रिप्टोकरेंसी को अपनाने के मामले में 154 देशों में से दूसरे स्थान पर है।

Credits: Chainalysis Report

इतना ही नहीं बल्कि आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास के अनुसार, आरबीआई साल के अंत तक अपनी पहली डिजिटल करेंसी (RBI e-Currency) की टेस्टिंग शुरू कर सकती है।

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