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भारत में प्रमोशनल कंटेंट को लेकर ASCI ने सोशल मीडिया Influencers के लिए जारी की ड्राफ़्ट गाइडलाइंस

भारत में प्रमोशनल कंटेंट को लेकर ASCI ने सोशल मीडिया Influencers के लिए जारी की ड्राफ़्ट गाइडलाइंस

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बीते कुछ सालों में तेज़ी से बढ़ते डिजिटल ईकोसिस्टम में डिजिटल सिलेब्रिटीज़ या कहें तो Influencers का दबदबा भी काफ़ी बढ़ा है। और अब इसी को ध्यान में रखते हुए सोमवार को एडवरटाइजिंग स्टैंडर्ड्स काउंसिल ऑफ इंडिया (ASCI) ने डिजिटल मीडिया Influencers के लिए कुछ नई ड्राफ़्ट गाइडलाइंस जारी की हैं।

ASCI ने कहा कि जैसे-जैसे डिजिटल मीडिया ‘तेजी से व्यापक’ रूप ले रहा है, उसी तेज़ी से लोग भी तरह-तरह के सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉरर्मों में विज्ञापनों को देख और उनसे प्रभावित भी हो रहें हैं।

और अब इस प्रस्तावित गाइडलाइन्स में Influencers के लिए सबसे अहम चीज़ ये सामने आई है कि उन्हें डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर किसी भी तरह की के प्रोडक्ट या सर्विस का प्रचार करते वक़्त, स्पष्ट तौर पर उस कंटेंट को “प्रमोशनल लेबल” के साथ ही लोगों को दिखाना होगा।

आपको बता दें इन नई गाइडलाइन्स के अंतिम रूप से मंज़ूर होने के बाद सोशल मीडिया Influencers को प्रमोशनल पोस्ट करने के लिए कुछ नए और कड़े नियमों का पालन करना होगा।

ASCI की Influencers के लिए सख़्त गाइडलाइंस

अगर आप सोच रहें हैं कि इन नियमों को अंतिम रूप कब मिलेगा? तो आपको बता दें ASCI द्वारा जारी की गई इन गाइडलाइंस को 31 मार्च, 2021 तक फाइनल या कहें तो अंतिम मंज़ूरी दी जा सकती है।

असल में विज्ञापान की दुनिया में डिजिटल Influencers के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए विज्ञापन नियमों और दिशानिर्देशों से संबंधित कुछ शर्तों की परिभाषा को अपडेट करना ज़रूरी हो गया है। और शायद ASCI ने भी इन्हीं ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए ये क़दम उठाया है।

पर ये भी साफ़ कर दें कि इन नए नियमों को लागू करने से पहले सोशल मीडिया Influencers, प्लेटफ़ॉर्म यूज़र्स और इंडस्ट्री से जुड़े अन्य वर्गों से फ़ीडबैक भी लिया जाएगा।

इस बीच इन गाइडलाइंस में इतना तो साफ़ कर दिया गया है कि कि सभी Influencers को प्रमोशनल पोस्ट में सबसे पहले दो लाइनों में ये साफ़ तौर पर लोगों को बताना होगा कि “इस पोस्ट का उद्देश्य किसी प्रोडक्ट या सर्विस का प्रचार करना है और उन्हें इसके बदले में कंपनी द्वारा पैसे दिए गए हैं।”

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ज़ाहिर है इसका मक़सद सोशल मीडिया यूजर्स को भ्रम से बचाते हुए, उनके सामने पारदर्शी रूप से ये साफ़ करने का है कि तमाम प्लेटफ़ॉर्म पर कौन सा पोस्ट सामान्य पोस्ट है और कौन सा पोस्ट विज्ञापान के मक़सद से डाला गया है?

Influencers को ASCI मंज़ूर लेबल्स का करना होगा इस्तेमाल

आपको बता दें प्रस्तावित गाइडलाइनों को लेकर ASCI ने लिखा है;

“अधिकतर ग्राहकों को ये साफ़ होना चाहिए कौन सा पोस्ट एडिटोरियल या यूजर-जेनरेटेड कंटेंट है और कौन सा पोस्ट विज्ञापन के मक़सद से डाला गया है? और इसलिए जिन लेबल्स को मंज़ूर किया जाएगा, उनमें से एक लेबल प्रमोशनल पोस्ट पर ज़रूर होना चाहिए।”

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आप सोच रहें होंगें मंज़ूर किए गए लेबल्स कौन कौन से हैं? तो असल में ASCI ने इसकी भी लिस्ट जारी की है। इनमें ad, #collab, #promo, #sponsored और #partnership जैसे हैशटैग्स व लेबल्स को शामिल किया गया है।

और ASCI ने ये भी साफ़ कर दिया है कि Influencers को सिर्फ़ मंज़ूर किए गए लेबल्स से ही कोई लेबल का इस्तेमाल करना होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि तमाम Influencers कई तरह के क्रीएटिव लेबल या हैशटैग्स का इस्तेमाल करते हैं जिसकी वजह से सामान्य यूज़र्स को ये समझने में दिक्कत होती है कि ये महज़ एक प्रमोशनल पोस्ट है।

आपने शायद ग़ौर किया होगा कि कई बड़े सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म जैसे YouTube, Instagram, Facebook में अब Influencers को ये विकल्प पहले से ही दिया जाता है कि वह पोस्ट को Paid Partnership या Collaboration जैसे Tag के साथ मार्क कर दें, ताकि लोगों को समझ में आए कि ये प्रमोशनल कंटेंट का हिस्सा है।

लेकिन अब आपको बता दें Influencers को किसी तरह कि प्रमोशनल पोस्ट से जुड़ी तस्वीर डालने पर भी उसमें लेबल लगाना होगा।

अब देखना ये है कि इन गाइडलाइनों को कब अंतिम मंज़ूरी मिलती है और इन नए दिशानिर्देशों को लेकर सोशल मीडिया की कैसी प्रतिक्रिया रहती है?

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