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WhatsApp भारत में लागू करेगा विवादित Privacy Policy; कहा ‘सरकार को बता दिया है अपना प्लान’

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दुनिया की सबसे लोकप्रिय इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप WhatsApp ने अब भारत में अपनी विवादित प्राइवेसी पॉलिसी (Privacy Policy) को लागू करने का मन बना लिया है। जी हाँ! तमाम विरोधों और क़ानूनी चुनौतियों के बीच कंपनी अपनी प्राइवेसी पॉलिसी को अपडेट करने जा रही है।

याद दिला दें हम उस प्राइवेसी पॉलिसी (Privacy Policy) की बात कर रहें हैं, जिसको WhatsApp ने जनवरी में पेश किया था, जिसके मुताबिक़ प्लेटफ़ॉर्म अब अपनी पैरेंट कंपनी Facebook व उसके अन्य प्लेटफ़ॉर्मों के साथ बिज़नेस चैट संबंधित यूज़र डेटा शेयर करेगी।

15 मई तक करनी होगी नई पॉलिसी एक्सेप्ट

लेकिन ऐलान करते ही कंपनी की ये पॉलिसी एक बड़े विवाद का कारण बन गई और कंपनी ने इसको 15 मई, 2021 तक, क़रीब तीन महीनें के लिए टालने का ऐलान कर दिया था।

लेकिन अब WhatsApp और Facebook का कहना है कि वह उपयोगकर्ताओं को इत्मिनान से अपनी इस प्राइवेसी पॉलिसी को पढ़ने का मौक़ा देंगे, और इसने लिए हाल ही में ही प्लेटफ़ॉर्म पर इन-ऐप बैनर (WhatsApp In-App Banner) भी यूज़र्स को दिखाए जा रहें हैं, जिनमें लोगों को इन प्राइवेसी अपडेट के पहलू समझाने की कोशिश की जा रही है।

ख़बरों के मुताबिक़ WhatsApp यूजर्स को नई पॉलिसी को 15 मई तक एक्सेप्ट करना होगा। कंपनी ने शुक्रवार को यहाँ तक कहा कि इसने उसने केंद्र सरकार को अपने इस प्लान के बारे में सूचित कर दिया है और यह भी आश्वासन दिया है कि कंपनी देश के लोगों की निजी चैट की प्राइवेसी को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

आपको बता दें आईटी मंत्रालय ने WhatsApp के सीईओ विल कैथार्ट (Will Cathcart) को पिछले महीने एक पत्र लिखा था जिसमें मंत्रालय द्वारा कथित तौर पर इन प्राइवेसी पॉलिसी अपडेट को वापस लेने के लिए कहा गया था।

इस बीच WhatsApp ने PTI को दिए एक बयान में कहा;

“गलत सूचनाओं और हमारे उपयोगकर्ताओं से मिले फीडबैक के आधार पर, हमने WhatsApp की Terms of Service और Privacy Policy अपडेट को 15 मई तक के लिए टाल रखा है। इस दौरान हम सरकार के साथ भी बातचीत कर रहे हैं और हम प्राप्त सभी सवालों का जवाब भी दे रहें हैं।”

असल में सरकार की एक चिंता ये भी है कि WhatsApp कहीं न कहीं भारतीय उपयोगकर्ताओं के साथ भेदभाव कर रहा है और सिर्फ़ देश में अपनी ऐसी नीतियाँ लागू करना चाह रहा है, जबकि यूरोप जैसे देशों में वह कोई बदलाव नहीं कर रहा, क्योंकि वहाँ लोगों के प्राइवेसी संबंधित अधिकार सामान्य डेटा सुरक्षा विनियमन (GDPR) द्वारा संरक्षित किए गए हैं।

और इसके साथ ही कथित तौर पर सरकार ने यह भी सवाल उठाया है कि आख़िर क्यों WhatsApp ने इन प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर उपयोगकर्ताओं को इसको “ना एक्सेप्ट ” करने का विकल्प क्यों नहीं दिया?

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दरसल भले अब भी WhatsApp एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड होने का दावा करता रहेगा, लेकिन ये चैट और उपयोगकर्ताओं के मेटाडेटा, लेनदेन डेटा, मोबाइल डिवाइस की जानकारी, IP ऐड्रेस और अन्य डेटा को Facebook आदि से शेयर करता रहेगा, ताकि ये देखा जा सके कि बिज़नेस के संदर्भ में लोगों की सोच क्या है? इसका इस्तेमाल Facebook टारगेट एडवर्टाइजमेंट के लिए करेगा।

ज़ाहिर है ये क़दम कंपनी अपने एक सपने को पूरा करने के लिए भी उठा रह है। असल में WhatsApp भारत के बेहद व्यापाक और अपार संभावनाओं से भरे ईकॉमर्स क्षेत्र में ख़ुद को एक Super App की तरह स्थापित करने के प्रयास करना चाहती है, और वह छोटे बिज़नेस आदि को कस्टमर डेटा एनालिटिक्स की भी सुविधा प्रदान करने का मन बना रही है।

लेकिन इसको लेकर आप भारतीय उपयोगकर्ताओं की नाराज़गी का आंदाज़ा इस बात से लगा सकते हैं कि WhatsApp द्वारा अपनी नई Privacy Policy की घोषणा के सिर्फ़ चार दिन के अंदर यानि 6 – 10 जनवरी के बीच ही भारत में Signal और Telegram ऐप्स ने कुल तौर पर 40 लाख से अधिक डाउनलोड दर्ज किए। वहीं इसी समय WhatsApp का डाउनलोड रेट 35% गिरकर क़रीब 13 लाख ही रहा।

इस बीच भारत के सप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाईकोर्ट में भी इस संबंध में दायर याचिकाओं पर सुनवाई जारी है। हाल ही में ही भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे ने Facebook और WhatsApp को नोटिस जारी किया है। चीफ़ जस्टिस ऑफ़ इंडिया (CJI) ने कहा कि लोगों की प्राइवेसी किसी ट्रिलियन-डॉलर की कंपनी से भी कहीं अधिक क़ीमती है।

इस बीच अब कुल मिलाकर कंपनी लोगों को एक बार फिर से याद दिलाने का काम किया है कि ये फ़िलहाल अपनी पॉलिसी को वापस नहीं ले रहा है और आपको तय समयसीमा के अंदर नई प्राइवेसी पॉलिसी को एक्सेप्ट करना है या अपना अकाउंट डिलीट करना पड़ेगा। शुक्रवार से ही ये मैसेजिंग ऐप यूजर्स को अपनी पॉलिसी अपडेट के बारे में अलर्ट करना शुरू कर देगा।

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